फिर रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार कॉपर, सप्लाई संकट से बाजार में हलचल
सप्लाई संकट की आशंका के चलते कॉपर बाजार में हलचल तेज हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि पहले से ही तंग सप्लाई वाली स्थिति में किसी भी तरह की रुकावट कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है।

Mumbai: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कॉपर 13,000 डॉलर प्रति टन के पार निकल गया है। ताजा कारोबार में लंदन में कॉपर का भाव 13,253 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गया। वहीं घरेलू बाजार MCX पर कॉपर करीब 1,330 रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रहा है।
क्यों बढ़ रहे कॉपर के दाम?
कॉपर की कीमतों में इस तेजी की बड़ी वजह चिली की एक प्रमुख खदान में हड़ताल बताई जा रही है। खदान के संचालन पर असर पड़ने से वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाजार को डर है कि अगर खदान लंबे समय तक बंद रहती है, तो कॉपर की आपूर्ति और ज्यादा प्रभावित हो सकती है।
एनालिस्ट की क्या राय?
सप्लाई संकट की आशंका के चलते कॉपर बाजार में हलचल तेज हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि पहले से ही तंग सप्लाई वाली स्थिति में किसी भी तरह की रुकावट कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है।
इस बीच, LME के वेयरहाउस में कॉपर का स्टॉक लगातार घट रहा है। इन्वेंट्री ऐतिहासिक निचले स्तर के करीब पहुंच चुकी है, जिससे बाजार में चिंता और बढ़ गई है। कम स्टॉक और संभावित सप्लाई बाधा ने कॉपर की कीमतों को मजबूती दी है।
जानकारों के मुताबिक, अगर चिली की खदान में हालात जल्द सामान्य नहीं होते और ग्लोबल सप्लाई पर दबाव बना रहता है, तो आने वाले दिनों में कॉपर की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर भी छू सकती हैं।




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