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इस साल सोना लगाएगा शतक?  आज रिकॉर्ड स्तर के करीब सोना,ऑल टाइम हाई से महज 1,500 रुपये नीचे   

सोने की तेजी से फिर छिड़ी बहस: सोना खरीदें या गोल्ड कंपनियों के शेयर? सोने की इस जबरदस्त रैली के बीच निवेशकों के बीच एक पुरानी बहस फिर तेज हो गई है- क्या सीधे सोना खरीदना बेहतर है या फिर सोना निकालने वाली कंपनियों (गोल्ड माइनर्स) के शेयर?

Mumbai: सोने की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर के बेहद करीब पहुंच गई हैं। घरेलू बाजार में सोना करीब 1,38,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जो अपने ऑल टाइम हाई से महज 1,500 रुपये नीचे है। MCX पर सोने ने पहले ही 1,40,465 रुपये का रिकॉर्ड उच्च स्तर बना लिया है।

ग्लोबल मार्केट में भी सोने की चमक बरकरार है। COMEX पर सोने का रिकॉर्ड स्तर 4,584 डॉलर प्रति औंस है, जबकि फिलहाल कीमतें 4,480 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं। बीते चार कारोबारी दिनों में सोने के दाम करीब 4% तक चढ़ चुके हैं।

 

सोने में तेजी क्यों?

सोने में हालिया तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। सबसे बड़ा कारण वेनेजुएला संकट माना जा रहा है, जिससे सेफ-हेवन डिमांड तेज हुई है। वेनेजुएला में बढ़ते राजनीतिक और सैन्य तनाव का सीधा असर गोल्ड मार्केट पर दिखा है।

अमेरिका की ओर से किए गए ऑपरेशन के बाद सोने में एक दिन में करीब 2.7% की तेज उछाल देखने को मिली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “जरूरत पड़ी तो आगे भी कार्रवाई” वाले बयान ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।

इसके अलावा निवेशकों की नजर शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी जॉब डेटा पर भी है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी सोने को मजबूत सपोर्ट दिया है।

 

सोने की तेजी से फिर छिड़ी बहस: सोना खरीदें या गोल्ड कंपनियों के शेयर?

सोने की इस जबरदस्त रैली के बीच निवेशकों के बीच एक पुरानी बहस फिर तेज हो गई है- क्या सीधे सोना खरीदना बेहतर है या फिर सोना निकालने वाली कंपनियों (गोल्ड माइनर्स) के शेयर?

Gabelli Gold Fund के को-पोर्टफोलियो मैनेजर क्रिस मैनचिनी का मानना है कि मौजूदा हालात में पलड़ा धीरे-धीरे गोल्ड माइनिंग कंपनियों की तरफ झुक रहा है, बशर्ते कंपनियां अपने बढ़ते कैश फ्लो का सही इस्तेमाल करें।

उनका कहना है कि सोने को रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचाने वाले कारण—जैसे कमजोर होती आर्थिक ग्रोथ, संभावित ब्याज दर कटौती और चीन समेत सेंट्रल बैंकों की मजबूत खरीद—अब भी पूरी तरह मौजूद हैं।

 

गोल्ड कंपनियों का मुनाफा तेजी से बढ़ा

मैनचिनी के मुताबिक, मौजूदा सोने के भाव पर गोल्ड माइनिंग कंपनियां जबरदस्त फ्री कैश फ्लो पैदा कर रही हैं। दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड प्रोड्यूसर कंपनियों में से एक न्यूमॉन्ट (Newmont) अगले साल प्रति शेयर करीब 10 डॉलर की कमाई कर सकती है।

उन्होंने बताया कि सेक्टर की ज्यादातर कंपनियों ने अपने बैलेंस शीट सुधार लिए हैं और कई कंपनियों पर अब नेट कर्ज ना के बराबर है। इसके बावजूद शेयर बाजार अभी भी गोल्ड कंपनियों को कम सोने के भाव के हिसाब से वैल्यू दे रहा है।

 

2026 आउटलुक: बायबैक नहीं, डिविडेंड बन सकता है गेमचेंजर

मैनचिनी का मानना है कि आने वाले समय में गोल्ड कंपनियों के लिए डिविडेंड सबसे बड़ा ट्रिगर बन सकता है। अभी तक कंपनियां शेयर बायबैक पर ज्यादा जोर दे रही थीं, लेकिन इससे नए निवेशक आकर्षित नहीं होते।

उनके अनुसार, अगर बड़ी गोल्ड कंपनियां 3% से 4% या उससे ज्यादा डिविडेंड यील्ड देना शुरू करती हैं, तो ये शेयर इनकम निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बन सकते हैं।

मैनचिनी का अनुमान है कि मौजूदा सोने के दाम पर बड़ी कंपनियां 4 से 5 डॉलर प्रति शेयर तक का डिविडेंड भी आराम से दे सकती हैं, जिससे गोल्ड स्टॉक्स की वैल्यूएशन पूरी तरह बदल सकती है।

 

निवेशकों की सतर्कता अब भी बरकरार

हालांकि फंडामेंटल्स मजबूत हैं, फिर भी निवेशक गोल्ड कंपनियों को लेकर सतर्क बने हुए हैं। 2025 में NYSE Arca Gold BUGS Index (HUI) ने 154% की तेजी दिखाई, लेकिन इसके बावजूद पिछले एक दशक में गोल्ड स्टॉक्स, S&P 500 से काफी पीछे रहे हैं।

मैनचिनी का कहना है कि इसी वजह से निवेशक अब सिर्फ वादों पर नहीं, बल्कि हाथ में नकद रिटर्न देखना चाहते हैं।

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