BusinessInternational

तेल बाजार में सुस्ती, US-वेनेजुएला तनाव भी नहीं कर पाया असर

लगातार तीसरे दिन सीमित दायरे में कारोबार, ब्रेंट $61 के नीचे

Mumbai: कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे दिन भी दायरे में कारोबार करती नजर आईं। US-वेनेजुएला के बीच बढ़े तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर कोई बड़ा असर नहीं दिखा। ब्रेंट क्रूड में हल्की कमजोरी दर्ज की गई और यह $61 प्रति बैरल से नीचे फिसल गया। वहीं WTI क्रूड $57 प्रति बैरल के करीब कारोबार करता रहा।

घरेलू वायदा बाजार की बात करें तो कच्चे तेल का भाव Rs.5,160 के आसपास बना हुआ है। बीते तीन कारोबारी दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में 6% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे साफ है कि फिलहाल बाजार किसी बड़े भू-राजनीतिक जोखिम को कीमतों में शामिल नहीं कर रहा।

 

वेनेजुएला के पास दुनिया में सबसे ज्यादा तेल भंडार

वैश्विक तेल भंडार का करीब 20% हिस्सा

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के मुताबिक देश के पास करीब 303 अरब बैरल कच्चा तेल मौजूद है, जो दुनिया के कुल तेल भंडार का लगभग 20% है। वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था में तेल को रीढ़ माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद उत्पादन बेहद कमजोर बना हुआ है।

 

क्षमता ज्यादा, उत्पादन बेहद कम

ग्लोबल सप्लाई में सिर्फ 0.8% की हिस्सेदारी

तेल भंडार भरपूर होने के बावजूद वेनेजुएला का मौजूदा उत्पादन सिर्फ करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन है। वैश्विक तेल उत्पादन में देश की हिस्सेदारी महज 0.8% रह गई है।

2013 से पहले वेनेजुएला करीब 35 लाख बैरल प्रतिदिन का उत्पादन करता था। खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश की कमी और तकनीकी समस्याओं के चलते उत्पादन में तेज गिरावट आई है।

 

50 साल पुराना तेल इंफ्रास्ट्रक्चर बड़ी चुनौती

उत्पादन बहाली के लिए $58 अरब डॉलर की जरूरत

वेनेजुएला का तेल इंफ्रास्ट्रक्चर काफी हद तक टूट चुका है। देश की पाइपलाइन और रिफाइनरी सिस्टम पिछले करीब 50 सालों से अपडेट नहीं हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक उत्पादन को पुराने स्तर पर लाने के लिए करीब $58 अरब डॉलर का निवेश जरूरी होगा।

सरकारी तेल कंपनी PDVSA के पास न तो पर्याप्त पूंजी है और न ही आधुनिक तकनीक। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने हालात को और ज्यादा मुश्किल बना दिया है।

 

वेनेजुएला के तेल में अमेरिका की दिलचस्पी क्यों?

Heavy Crude अमेरिकी रिफाइनरी के लिए मुफीद

अमेरिका की वेनेजुएला के तेल में दिलचस्पी की बड़ी वजह उसका Heavy Crude होना है। इस तरह के कच्चे तेल से डीजल, फैक्ट्री फ्यूल और डामर जैसे उत्पाद बनाए जाते हैं। अमेरिका की कई रिफाइनरियां खास तौर पर इसी किस्म के तेल के लिए डिजाइन की गई हैं।

इसके अलावा वेनेजुएला का तेल अन्य विकल्पों के मुकाबले सस्ता भी पड़ता है। अमेरिकी कंपनियां अरबों डॉलर निवेश कर उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसका बड़ा असर 5 से 10 साल में ही देखने को मिलेगा, क्योंकि उत्पादन बहाल करना आसान नहीं है और इसमें समय व पैसा दोनों की जरूरत है। फिलहाल बाजार में सप्लाई पहले से मौजूद है, इसलिए कीमतों पर तत्काल असर सीमित रहने की संभावना है।

Related Articles

Leave a Reply to Angela2988 Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button